23 Dec 2025 102 Views
रायपुर। केंद्र सरकार ने करोड़ों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और औपनिवेशिक काल से चले आ रहे जटिल श्रम कानूनों में सुधार के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहल करते हुए चार नए श्रम कानून लागू किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर को इन चारों श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया गया, जिससे देश के श्रम तंत्र में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है।
नए श्रम कानूनों के अंतर्गत गिग वर्कर्स के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, समान वेतन की व्यवस्था, महिला श्रमिकों के लिए विस्तारित अधिकार एवं सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी को वैधानिक समर्थन तथा निश्चित अवधि के रोजगार जैसे महत्वपूर्ण सुधार शामिल हैं।
इन सुधारों के प्रति मीडिया को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से आज सोमवार 22 दिसंबर को स्थानीय सर्किट हाउस में एकदिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के क्षेत्रीय आयुक्त श्री अंकुर शर्मा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आयुक्त श्री गौरव डोगरा तथा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के उप निदेशक श्री धीरेंद्र पटनायक प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पीआईबी के उपनिदेशक श्री रमेश जयभाये ने श्रम सुधारों की पृष्ठभूमि और नए कानूनों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त श्री अंकुर शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को समाहित कर चार आधुनिक और श्रमिक-केंद्रित श्रम संहिताएं लागू की हैं। इनमें मजदूरी संहिता, औद्योगिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति संहिता तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये संहिताएं श्रमिकों को समय पर वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेंगी, वहीं उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को भी सरल बनाएंगी। उन्होंने मीडिया से इन ऐतिहासिक सुधारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
EPFO आयुक्त श्री गौरव डोगरा ने भविष्य निधि से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटलीकरण के चलते ईपीएफ सेवाएं अब पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ हो गई हैं। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के माध्यम से श्रमिक अपने पीएफ खाते की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं, क्लेम की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं और समय पर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है।
ESIC के उप निदेशक श्री धीरेंद्र पटनायक ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना श्रमिकों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें चिकित्सा सुविधा, मातृत्व लाभ और दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सहायता शामिल है। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ पहुंचाने के लिए ESIC नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
कार्यशाला का समापन पत्रकारों और विशेषज्ञों के बीच प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मीडिया की सक्रिय भूमिका से श्रम संहिताओं और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जिससे श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को इन सुधारों का अधिकतम लाभ मिल सकेगा।