ग्रीन इंडस्ट्री को भी नहीं मिलेगी आवासीय क्षेत्रों में किसी प्रकार के उद्योग लगाने की अनुमति

26 Dec 2025      85 Views

अधिसूचना जारी : अब रिहायशी इलाकों में नहीं मिलेगी किसी भी श्रेणी के उद्योग लगाने की अनुमति 

रायपुर। अब रिहायशी यानि आवासीय क्षेत्रों में किसी प्रकार के उद्योग को अनुमति नहीं मिलेगी। रेड, आरेंज, ब्लू ही नहीं बल्कि ग्रीन श्रेणी के उद्योग भी आवासीय क्षेत्रों में नहीं लग सकेंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रस्ताव के बाद दावा आपत्ति के लिए 17 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई थी। उद्योगों की स्थापना के लिए मास्टर प्लान आधार रहेगा, जिसमें आवासीय क्षेत्र को छोड़कर बाकी तय क्षेत्रों में उद्योग संचालित हो सकेंगे। इससे पहले आवासीय क्षेत्रों में ग्रीन श्रेणी के लिए कोई ठोस नियम नहीं बनाए गए थे, बल्कि आवासीय क्षेत्रों से कुछ दूरी पर ग्रीन श्रेणी के उद्योग लगा दिए जाते थे।

अधिसूचना में यह उल्लेख किया गया है कि समय-समय पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के जरिए रेड, आरेंज, ग्रीन, व्हाइट और ब्लू श्रेणियों के उद्योगों का वर्गीकरण किया जाएगा। इसी तरह वाणिज्यिक क्षेत्रों में रेड और आरेंज श्रेणी के उद्योग स्थापित नहीं होंगे। आवास एवं ‘पर्यावरण विभाग ने उद्योगों की श्रेणियों के वर्गीकरण के साथ ही भूमि विकास नियम-1984 में संशोधन किया है। आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज के मुताबिक संशोधन नियमों के संबंध में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है।

आवासीय क्षेत्रों में इन ग्रीन श्रेणी के उद्योगों को हरी झंडी नहीं

दाल मिल प्लांट, बेकरी, प्लाईवुड इंडस्ट्रीज, फूड प्रोसेसिंग, रबड़ इंडस्ट्रीज, मेटल प्रोडक्ट, टाइल्स एंड मार्बल, आइस फैक्ट्री, कृषि उद्योग, फूड प्रोडक्ट, पैकेजिंग, पॉलिमर्स, एनर्जी, कोल डिपो, ट्रेडिंग कंपनी, स्क्रैप, एग्रो केमिकल्स, राइस मिल, पेड्डी प्रोसेसिंग, बेवरेज, पोहा मिल, बायोटेक, पैकेज ड्रिकिंग वॉटर, इंजीनियरिंग वर्क्स, कोल्ड स्टोरेज, पोल्ट्री फार्म, गैस इंडस्ट्रीज, पीवीसी पाइप आदि।

उद्योगों में 10 से लेकर 25 प्रतिशत तक ग्रीन बेल्ट जरूरी

अधिकारियों के मुताबिक, उद्योगों को कम से कम 10 से लेकर 25 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करना जरूरी होगा। मानकों को वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ध्यान में रखते हुए नियम तय किए गए हैं। उद्योग परिसर के भीतर लाल और आरेंज श्रेणी के उद्योगों को 10 से लेकर 15 प्रतिशत हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना है, वहीं उद्योग परिसर के बाहर 20 से लेकर 25 प्रतिशत तक पौधरोपण जरूरी है। ऐसे उद्योग जिनका वायु प्रदूषण 25 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम है। ऐसे उद्योगों को 10 प्रतिशत हरित पट्टी विकसित करना होगा।

1076 नहीं 10763 वर्गफीट का क्षेत्रफल तय

किसी भी तरह के उद्योग की स्थापना के लिए 1000 वर्गमीटर यानि 10763 फीट का क्षेत्रफल तय किया गया है। इससे पहले यह क्षेत्रफल 100 वर्गमीटर यानि 1076 वर्गफीट का दायरा तय किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक उद्योगों के क्षेत्रफल का दायरा बढ़ाने से उद्योग आवासीय क्षेत्र से बाहर हो जाएंगे। इससे पहले छोटी जमीनों पर भी उद्योगों की अनुमति मिल रही थी। उद्योगों की स्थापना के लिए अब क्षेत्रफल का दायरा बढ़ा दिया गया है।