16 Jan 2026 69 Views
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है. राज्य सरकार खनिजों के विकास एवं दोहन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है. जिसके परिणाम स्वरुप राज्य के खनिज राजस्व में लगातार वृद्धि हुई है. छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. विभाग के कामकाज के बारे में जानकारी देते हुए सचिव खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी दयानंद ने ये बातें कही है।
रजत जयंती वर्ष में 15 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व
सचिव खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी दयानंद ने कहा कि राज्य गठन के समय 429 करोड़ खनिज राजस्व में वृद्धि करते हुए अपने रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक 14,592 करोड़ का हुआ है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह दिसम्बर, 2025 तक खनिजों से राज्य शासन को लगभग 10,345 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है. उन्होने कहा कि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लगभग 17 हजार करोड़ लक्ष्य प्राप्त करना है।
देश के कुल खनिज उत्पाद में 17 प्रतिशत हिस्सेदारी
छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुल खनिज उत्पादन का औसतन 17 प्रतिशत हिस्सेदारी में योगदान है. राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत योगदान दे रहा है. खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना गाइड लाइन-2024 को आत्मसात कर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन किए गए हैं. अब तक डीएमएफ अन्तर्गत 16 हजार 742 करोड़ का अंशदान प्राप्ति हुई है जिसका खनन प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के विकास के लिए 1 लाख 7 हजार 689 कार्यों की स्वीकृति की गई है, जिसमें से 75 हजार 901 काम पूरे हो चुके हैं।
केन्द्र सरकार ने खनिज अधिनियम, 1957 में संशोधन करते हुए देश में खनिजों की खोज हेतु राष्ट्रीय खनिज खोज विकास न्यास (एनएमईडीटी) गठन किया गया. वर्ष 2015-16 से अब तक माह दिसम्बर 2025 तक 1,159 करोड़ रूपये जमा किया जा चुका है. प्रधानमंत्री के नियम के अनुसार क्रिटिकल मिनरल्स को विकसित भारत 2047 की दृष्टिगत में अति-महत्वपूर्ण माना गया है.भारत सरकार ने नेशनल क्रिटिकल मिशन लागू किया है.जिससे क्रिटिकल मिनरल्स की खोज को बढ़ावा दिया जा रहा है।
लिथियम खदान की नीलामी करने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़
सचिव खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी दयानंद छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.केन्द्र सरकार द्वारा कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अन्तर्गत लीथियम और दुर्लभ खनिज के माइंस की नीलामी की गई है. राज्य में लीथियम खदान खुलने से स्थानीय बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. वर्तमान समय में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की जरुरत काफी बढ़ गई है, इसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा और बस्तर जिले के बेंगपाल एलिंगनार कोमाकोलेंग क्षेत्र में लीथियम, नियोबियम, टेंटेलम समेत आरईई खनिज की खोज के लिए अधिसूचित प्राइवेट सेक्टर एक्सप्लोरेशन एजेंसियों के माध्यम से एनएमईटी के तहत् 01 परियोजना स्वीकृत की गई है।
सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं. सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यों में सहभागी है. छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया. सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, एवं खनन कार्य वर्तमान में कार्यरत है।
पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, जिस कारण यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926 रूपये प्रति किलोग्राम किया गया है. इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है. परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाइन क्रय एवं रियल टाइम भुगतान की कार्रवाई प्रचलन में है. इसके लिए TIN - Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम से ऑनलाइन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।
दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल के सहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाइट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं. कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जा चुका है. इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है. शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त होंगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागिता बढ़ रही है. यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है।
पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपए के राजस्व के साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपए प्राप्त हुए. साल 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़ रुपये सीएसआर में व्यय हो चुका है. 42 लाख रूपए की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है।
चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है. इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है. इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किए जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित हैं, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है. वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बॉक्साइट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।