05 Feb 2026 20 Views
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई केबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के लिए 9 महत्वपूर्ण फैसले हुए। इसमें प्रदेश में स्टार्टअप इको सिस्टम और इन्क्यूबेटर्स के विकास के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 नीति के साथ छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति पर मुहर लगी। स्टार्टअप नीति में 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप को बूस्टर मिलेगा। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रुपए का फंड रखा गया है।
स्टार्टअप को सहायता
नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट के लिए 10 लाख रुपए। निवेश उपलब्ध कराने 100 करोड़ रुपए का फंड। बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़। 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75% तक ब्याज अनुदान। 03 वर्षों तक भुगतान किए गए किराए का 50 फीसदी (अधिकतम 15,000 प्रति माह)। मशीनरी एवं उपकरण पर 35 फीसदी तक (अधिकतम 35 लाख) अनुदान। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 फीसदी तक अधिकतम 10 लाख प्रतिपूर्ति। कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपए का फंड।
उद्योग मंत्री ने बताया, नई नीति में 100 करोड़ के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख तक) सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों को शामिल किया गया। राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा।