09 Mar 2026 35 Views
बीसीसीएल ने कोयला डिस्पैच बढ़ाने के लिए ई-ऑक्शन में 100 से 600 रुपए प्रति टन तक का डिस्काउंट देने का निर्णय लिया है। फरवरी में बीसीसीएल का डिस्पैच मात्र 2.2 मिलियन टन रहा है, जो लक्ष्य से बहुत पीछे है।
कोयला डिस्पैच बढ़ाने के लिए बीसीसीएल ने ई-ऑक्शन में 100 रुपए से 600 रुपए तक प्रतिटन डिस्काउंट यानी दर में कमी करने का निर्णय लिया है। शनिवार को बीसीसीएल बोर्ड की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई। इसके पूर्व कंपनी ने डिस्पैच बढ़ाने के लिए पीआई को घटा दिया था। अपेक्षित डिस्पैच नहीं बढ़ने पर अब ई-ऑक्शन कोयले में ग्राहकों को राहत देने का निर्णय लिया गया है। विभिन्न स्लैब में दर में कमी की गई है। मालूम हो कि बीसीसीएल को कोयले के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। कंपनी प्रबंधन इसको लेकर चिंतित है। इसी कारण ई-ऑक्शन में डिस्काउंट देने का निर्णय लिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जो जितना ज्यादा कोयला ई-ऑक्शन में लेगा, उसे डिस्काउंट का उतना ज्यादा लाभा होगा।बीसीसीएल इन दिनों कोयले की मांग घटने से परेशान हैं। फरवरी महीने में बीसीसीएल का डिस्पैच महज 2.2 मिलियन टन रहा। यह बहुत ही निराशाजनक प्रदर्शन है। चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी तक बीसीसीएल का कुल कोयला उत्पादन 31.1 मिलियन टन एवं डिस्पैच 30.39 मिलियन टन तक पहुंचा है। लक्ष्य 46 मिलियन टन है। यानी चालू वित्तीय वर्ष में बीसीसीएल लक्ष्य से काफी पीछे है। लक्ष्य हासिल करने के लिए बीसीसीएल को एक महीने (मार्च) में 15 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं डिस्पैच करना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यदि मार्च तक बीसीसीएल 37.5 मिलियन टन कोयला डिस्पैच के आंकड़े तक नहीं पहुंचती है तो कंपनी घाटे में चली जाएगी। मुनाफे के लिए कम से कम 38 मिलियन टन डिस्पैच करना होगा।बोर्ड ने करमाटांड़ में सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी सहित लगभग छह करोड़ की योजनाओं को भी मंजूरी दी है। झरिया मास्टर प्लान के तहत ये निर्माण कार्य होंगे। बता दें कि बीसीसीएल की ओर से करमाटांड़ में भी भूमिगत आग प्रभावितों को बसाया जा रहा है। बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में निदेशकगण एवं स्वतंत्र निदेशकगण भी मौजूद थे।
स्त्रोत : दैनिक समाचार पत्र के सूत्र अनुसार